संपूर्ण लॉकडाउन में पीएम मोदी ने आज एक और बड़ा फैसला लिया

पूरे देश में संपूर्ण लॉकडाउन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज एक फिर देशवासियों को संबोधित किया। पीएम मोदी ने कहा कि लॉकडाउन के नौ दिन हो गए और देश में अनुशासन दिखा है। देश में सामूहिकता नजर आ रही है। प्रशासन ने हालात को अच्छे से संभाला है।

पीएम ने अपने विडियो संदेश में लोगों से लॉकडाउन का सख्ती से पालन करने की अपील की है। उन्होंने कोरोना जैसे जानलेवा वायरस से लड़ने के

लिए लोगों से घरों में रहने की अपील की है। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि 5 अप्रैल को रात 9 बजे घर की लाइटें बंद करके सारी लाइटें बंद करके मोमबत्ती, दिया , टॉर्च या मोबाइल की फ्लैश लाइटें 9 मिनट तक जरूर जलाएं।

आइए जानते हैं मोदी के भाषण की बड़ी बातें..

5 अप्रैल को हम सबको मिलकर कोरोना के संकट के अंधकार को चुनौती देनी है। उसे प्रकाश की ताकत का परिचय करना है। इस 5 अप्रैल को हमें 130 करोड़ देशवासियों की महाशक्ति का जागरण करना है।

देशवासियों को महासंकल्प को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है। रविवार को रात 9 बजे मैं आप सबके 9 मिनट चाहता हूं। घर की सभी लाइटें बंद करके, घर के दरवाजे पर या बालकनी में खड़े रहकर 9 मिनट के लिए मोमबत्ती , दिया टॉर्च या मोबाइल की फ्लैशलाइट जलाएं। उस समय घर की सभी लाइटें बंद करेंगे, चारों तरफ जब हर व्यक्ति एक-एक दिया जलाएगा तब प्रकाश की उस महाशक्ति का अहसास होगा कि हम सब

एक ही मकसद से लड़ रहे हैं।

देशवासी लॉकडाउन के 9 दिन हो गए हैं। आपलोगों ने जिस तरह सेवा भाव का परिचय दिया है। शासन, प्रशासन और जनता ने मिलकर स्थिति

को अच्छे ढंग से संभाला है।

हम अपने मन में ये संकल्प करें कि हम अकेले नहीं हैं। कोई भी अकेला नहीं है। 130 करोड़ देशवासी एक ही संकल्प के साथ कृतसंकल्प करें। साथियों, मेरी एक और प्रार्थना है कि इस आयोजन के समय किसी को भी कहीं पर भी इकट्ठा नहीं होना है। रास्तों में , गलियों में या मोहल्लों में नहीं जाना है। अपने घर के दरवाजे या बलाकनी से ही इसे करना है। सोशल डिस्टेंसिंग की लक्ष्मण रेखा को कभी भी लांघना नहीं है। किसी भी हालत में सोशल डिस्टेंसिंग को तोड़ना नहीं है। कोरोना की चेन तोड़ने का यही रामबाण इलाज है।

पीएम मोदी ने 22 मार्च रविवार को दिन कोरोना के खिलाफ लड़ाई लड़ने वाले हर किसी का धन्यवाद किया, वह भी आज कई देशों के लिए मिसाल बन गया है। जनता कर्फ्यू, या थाली बजाने का कार्यक्रम हो। इन्होंने इसकी सामूहिक शक्ति का असहास कराया। इससे पता चला कि देश एक होकर कोरोना के खिलाफ लड़ाई लड़ सकता है।

लॉकडाउन के समय में देश की और आप सभी की ये सामूहिकता नजर आ रही है। आज जब देश करोड़ों लोग घरों में है, तो किसी को लग सकता है कि वो अकेला क्या करेगा। ये सवाल भी मन में आते होंगे कि कितने दिन और रुकना पड़ेगा। हम अपने घरों में जरूर हैं लेकिन हममे से कोई भी

अकेला नहीं है। 130 करोड़ देशवासियों की सामूहिक शक्ति हर व्यक्ति के साथ है। समय समय पर देशवासियों की इस सामूहिक शक्ति कि विराटता और इसकी दिव्यता की अनुभूति करना आवश्यक है।

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