अमेरिका ने इस देश को दी तबाह करने की धमकी, कहा-हमले के लिए रहें तैयार

अमेरिका ने इस देश को दी तबाह करने की धमकी, कहा-हमले के लिए रहें तैयार


अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा है कि ईरान या ईरानी समर्थित समूहों द्वारा इराक में अमेरिकी सेना या संपत्तियों पर हमला करने पर ईरान को अमेरिका की तरफ से सख्त कार्रवाई के लिए तैयार रहना चाहिए।



नई दिल्ली: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा है कि ईरान या ईरानी समर्थित समूहों द्वारा इराक में अमेरिकी सेना या संपत्तियों पर हमला करने पर ईरान को अमेरिका की तरफ से सख्त कार्रवाई के लिए तैयार रहना चाहिए।
इराकी सैन्य ठिकानों में मौजूद अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाकर किए गए रॉकेट हमलों में ईरान को दोषी ठहराया गया है। एक सप्ताह के अंतराल में तीन अलग-अलग हमलों ने कैंप ताजी और बासमाया ठिकानों पर हाहाकार मचा दिया। इसमें दो अमेरिकी सहित तीन गठबंधन सैनिकों की मौत हो गई और कुछ घायल हो गए। 




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मालूम हो कि तीन जनवरी को अमेरिका द्वारा बगदाद एयरपोर्ट पर एक एयर स्ट्राइक की गई, जिसमें ईरानी जनरल कासिम सुलेमानी की मौत हो गई थी। तब से अमेरिका-ईरान से बीच तनाव और अधिक बढ़ गया है।
ट्रंप ने हाल ही में व्हाइट हाउस में ब्रीफिंग के दौरान कहा कि उनके प्रशासन को खुफिया जानकारी मिली है कि ईरान हमला करने की योजना बना रहा है।
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बहुत भारी कीमत चुकाएगा ईरान
इससे पहले दिन में ट्रंप ने ट्वीट किया कि जानकारी मिली है कि ईरान या उसके समर्थक इराक में अमेरिकी सैनिकों और या संपत्ति पर एक चालाकी से हमले की योजना बना रहे हैं।
यदि ऐसा होता है तो ईरान बहुत भारी कीमत चुकाएगा। ट्रंप 2018 में ईरान परमाणु समझौते से पीछे हट गए और ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों को लगातार बढ़ाते गए हैं।




हाल ही में अमेरिका ने ईरान पर अपने प्रतिबंधों को और आगे बढ़ाने का फैसला लिया था। अमेरिकी विदेशी मंत्रालय की प्रवक्ता मोर्गन ऑर्टेगस ने कहा था कि ईरान को परमाणु हथियार रखने की अनुमति कभी नहीं दी जाएगी। उन्होंने बताया कि यूएस ईरान पर अतिरिक्त 60 दिनों के लिए चार परमाणु प्रतिबंधों को नवीनीकृत कर रहा है।
ऑर्टेगस ने कहा कि हम ईरान के परमाणु कार्यक्रम के विकास की बारीकी से निगरानी करेंगे और इन प्रतिबंधों को किसी भी समय समायोजित कर सकते हैं।
उस दौरान उन्होंने ट्रंप का भी जिक्र किया और कहा कि जैसा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि ईरान को परमाणु हथियार रखने की अनुमति कभी नहीं दी जाएगी। इसके लिए ऐसे कदम उठाने जरूरी हैं।
पिछले हफ्ते ट्रंप प्रशासन ने 20 ईरानी लोगों पर नए प्रतिबंध लगाए और इराक में शिया मिलिशिया के समर्थन के लिए कंपनियों को उन ठिकानों पर हमले के लिए जिम्मेदार ठहराया, जहां अमेरिकी सेनाएं मौजूद हैं।
वर्तमान में इराक में लगभग 7500 गठबंधन सैनिक हैं जो इस्लामिक स्टेट समूह से लड़ने के लिए अपने इराकी सुरक्षा समकक्षों को सहायता और प्रशिक्षण प्रदान कर रहे हैं l
मालूम हो कि ट्रंप प्रशासन के इस फैसले के बाद अरक हेवी-वॉटर रीसर्च रिऐक्टर, बुशेहर न्यूक्लियर पावर प्लांट, तेहरान रीसर्च रिऐक्टर और दूसरे न्यूक्लियर प्रॉजेक्ट्स में नॉन-प्रोलिफरेशन के काम को जारी रखा जा सकेगा। बयान में कहा गया कि हम ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम पर नजर रखेंगे।