82 दिन बाद सिंधिया का बड़ा धमाका, पूर्व मंत्री का दावा- महाराज को आने दो, कांग्रेस के बड़े नेता भाजपा में होंगे

भोपाल. देश में लॉकडाउन खत्म होने के बाद सियासत भी शुरू हो गई है। मध्यप्रदेश में शिवराज सिंह चौहान की सरकार स्थाई रहेगी यह नहीं यह उपचुनाव पर निर्भर करता है। मध्यप्रदेश की 24 सीटों पर उपचुनाव होना है। उपचुनाव से पहले कांग्रेस और भाजपा ने अपनी-अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। कांग्रेस जहां चेहरों की तलाश कर रही है वहीं, भाजपा अंदरूनी कहल खत्म करने की कोशिश में जुटी है। इन सबके बीच ज्योतिरादित्य सिंधिया कांग्रेस को एक बार फिर बड़ा झटका देने जा रहे हैं।

एमपी दौरे पर सिंधिया
ज्योतिरादित्य सिंधिया 1 जून को मध्यप्रदेश दौरे पर आ रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया कांग्रेस के कई बड़े नेताओं को भाजपा की सदस्यता दिलाने के लिए भोपाल आ रहे हैं। सिंधिया की मौजूदगी में कांग्रेस के कई बड़े नेता आज भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर सकते हैं। हालांकि अभी तय उन नेताओं के नामों का खुलासा नहीं हुआ है जो भाजपा की सदस्यता लेने वाले हैं। लेकिन कहा जा रहा है कि कांग्रेस पार्टी से नाराज कई नेता सिंधिया की मौजूदगी में आज भाजपा की सदस्यता ले सकते हैं।

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82 दिन बाद बड़ा धमाका
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 10 मार्च को कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद उन्होंने भाजपा की सदस्यता ली थी। भाजपा में शामिल होने के बाद ये ज्योतिरादित्य सिंधिया का दूसरा भोपाल दौरा है। इससे पहले मार्च में सिंधिया राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन करने के लिए भोपाल आए थे। इस दौरान सिंधिया ने भोपाल में रोड शो किया था। ज्योतिरादित्य सिंधिया कांग्रेस छोड़ने के 82 दिन बाद एक बार फिर से बड़ा धमाका करने जा रहे हैं। बता दें कि सिंधिया के कांग्रेस के इस्तीफे के बाद ग्वालियर-चंबल समेत प्रदेश के कई कांग्रेस नेता पार्टी छोड़ चुके हैं।

शिवराज का दिल्ली दौरा कैंसिल
मंत्रिमंडल के विसतार को लेकर आज शिवराज सिंह चौहान को दिल्ली का दौरा करना था। लेकिन पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने देर रात तक शिवराज को दिल्ली आने की हरी झंडी नहीं दी। माना जा रहा है कि कैबिनेट विस्तार एक बार फिर से टल सकता है। वहीं, दूसरी तरफ शिवराज के दिल्ली नहीं जाने का एक कारण सिंधिया के दौरे से भी जोड़कर देखा जा रहा है। ज्योतिरादित्य सिंधिया भोपाल में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के साथ मुलाकात कर आगामी उपचुनाव के लिए रणनीति भी तय करेंगे।

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पूर्व मंत्री का दावा
ज्योतिरादित्य सिंधिया की करीबी औऱ कमलनाथ सरकार में मंत्री रहीं इमरती देवी ने सिंधिया के 1 जून के भोपाल दौरे को लेकर कहा था कि थोड़े दिन रुक जाओ, महाराज सिंधिया, केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को मैदान में आ जाने दो, एक दो नेता नहीं पूरी कांग्रेस ही बीजेपी में आ जाएगी।

खूब जमेगी सिंधिया-शिवराज की जोड़ी
पूर्व सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया को लेकर हुए पोस्टर विवाद पर शिवराज सरकार के कैबिनेट मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा था कि, जब लॉकडॉउन के दौरान प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और दूसरे नेता भी बाहर नहीं निकल रहे हैं, तब ज्योतिरादित्य सिंधिया क्षेत्र में कैसे जा सकते हैं? सिंधियाजी दिल्ली में कम और क्षेत्र में आम जनता के बीच ज्यादा घूमते रहते हैं। भारतीय जनता पार्टी में वैसे तो हर एक कार्यकर्ता बेहद महत्वपूर्ण है, लेकिन इस बार उपचुनाव में दो चेहरे हैं। एक सिंधिया और दूसरे शिवराज सिंह चौहान जो घर पर नहीं बैठते हैं। जो दिन-रात जनता की बीच में रहते हैं, जनता की सेवा करते हैं। दोनों चेहरों पर चुनाव होगा और दोनों की जोड़ी प्रदेश की जनता को खूब जमेगी।

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